सोनम मिशन क्लीन सिटी योजना से जुड़कर प्रगति की पकड़ी रफ्तार
जशपुरनगर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है।
ऐसे ही कहानी है जशपुर जिले के नगर पंचायत बगीचा के वार्ड-15, निवासी 35 वर्षीय सोनम केरकेट्टा की। जो डे एनयूएलएम व मिशन क्लीन सिटी योजना से आत्मनिर्भर हुए है।
सोनम केरकेट्टा वर्ष 2014 में 12 महिलाओं के साथ मिलकर संत थॉमस स्व-सहायता समूह का गठन कर भारतीय स्टेट बैंक, बगीचा में मासिक बचत जमा कर समूह का सफल संचालन कर रही है। सोनम बताती है कि मेरा बचपन गरीबी में बीता है, पैसों की तंगी के कारण कक्षा 9वीं के बाद आगे की पढ़ाई बीच में छोड़ना पड़ा इस बात का मलाल हमेशा रहेगा ।
भारत सरकार एवं छ.ग. शासन के संयुक्त कार्यक्रम डे - एनयूएलएम योजना एवं मिशन क्लीन सिटी योजना के अभिसरण के तहत वर्ष 2017 से नगर पंचायत बगीचा में सोनम स्वच्छता दीदी के रूप में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, सेग्रीगेशन के कार्य में संलग्न है। इस कार्य के बदले प्रतिमाह 7200 रुपए मिलता है इसके साथ ही सूखा कचरा विक्रय करने से 500 रुपए प्रति महिला अतिरिक्त आय होता हैं। अब सोनम के चेहरे पर मुस्कान है इसके साथ ही कक्षा - 7वीं व 3री में अध्ययनरत वह अपने दोनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रही है।
मिशन क्लीन सिटी योजना से जुड़ने के शुरूआती दौर में वार्ड व बस्ती के लोगों का नजरिया बेहद ही खराब था, लेकिन समय के साथ उन सभी लोगों का नजरिया बदला है। सोनम का पति संदीप केरकेट्टा खेती व मजदूरी करके दोनों अपने बच्चों के साथ खुशहाल जीवन यापन कर रहे है। छत्तीसगढ़ शासन की उक्त योजनाओं से जुड़कर अपने मोहल्ला व बस्ती की अन्य महिलाओं को समूह से जुड़ने के लिए चर्चा करती है साथ ही आत्मनिर्भरता बनने के लिए प्रेरित करती है।
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