वोटर बढ़ाकर चुनाव में धांधली की गई, अब दिल्ली और बिहार पर हमलावर, राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत और एनसीपी-एससीपी सांसद सुप्रिया सुले ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल हैं। महाराष्ट्र चुनाव में धांधली हुई है। वहीं, राहुल गांधी के बगल में बैठे संजय राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की अंतरात्मा मर चुकी है। ये अतिरिक्त 39 लाख मतदाता कहां जाएंगे? ये बिहार जाएंगे। इनमें से कुछ दिल्ली चुनाव में देखे गए हैं। ये अब बिहार और फिर यूपी जाएंगे।
राहुल गांधी ने कहा, 'हम इस टेबल पर महाराष्ट्र में पिछला चुनाव लड़ने वाले पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम चुनाव के बारे में कुछ जानकारी लेकर आने वाले हैं। हमने मतदाताओं और वोटिंग लिस्ट के विवरण का अध्ययन किया है। हमारी टीमें काम कर रही हैं और हमें कई अनियमितताएं मिली हैं।'
राहुल गांधी ने कहा कि वोटर लिस्ट में कई खामियां हैं। 5 महीने में 7 लाख मतदाता जोड़े गए। चुनाव से पहले इतने मतदाता कैसे जुड़ गए। वहीं चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। राहुल गांधी ने कहा, 'विधानसभा चुनाव 2019 से लोकसभा 2024 के बीच 5 साल में 32 लाख मतदाता जुड़े। लेकिन, लोकसभा 2024 से विधानसभा चुनाव के बीच 5 महीने की अवधि में 39 लाख मतदाता जुड़े। सवाल यह है कि ये मतदाता कौन हैं? दूसरा मुद्दा यह है कि महाराष्ट्र में राज्य की कुल मतदाता आबादी से अधिक मतदाता क्यों हैं? किसी तरह अचानक महाराष्ट्र में मतदाता बना दिए गए।' राहुल गांधी ने कहा कि हम चुनाव आयोग से कह रहे हैं कि हमें विसंगतियां मिल रही हैं। हमें महाराष्ट्र के मतदाताओं के नाम और पते वाली मतदाता सूची चाहिए। हमें लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची चाहिए। हमें विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची चाहिए क्योंकि हम समझना चाहते हैं कि ये नए नाम क्या हैं। कई मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम हटा दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि एक बूथ के मतदाताओं को दूसरे बूथ में स्थानांतरित कर दिया गया है। इनमें से अधिकांश मतदाता दलित समुदाय, आदिवासी समुदाय और अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। हमने चुनाव आयोग से बार-बार अनुरोध किया है। उन्होंने हमें कोई जवाब नहीं दिया है। विपक्ष के नेता ने संसद भवन में यह बात कही है। चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया है। अब उनके जवाब न देने का एकमात्र कारण यह है कि उन्होंने जो किया है उसमें कुछ गड़बड़ है। मैं कोई आरोप नहीं लगा रहा हूं। मैं यहां स्पष्ट रूप से आंकड़े पेश कर रहा हूं।
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