तनाव, डर और थकान को कहें अलविदा, कपूर जलाने से घर में घुलती है सुकून भरी हवा
Remove Negative Energies : घर में कभी-कभी ऐसा माहौल बन जाता है कि बिना किसी वजह के मन भारी लगता है, काम में मन नहीं लगता, हर वक्त थकावट महसूस होती है और बेवजह गुस्सा या चिड़चिड़ापन आता है. यह सब संकेत होते हैं उस नकारात्मक ऊर्जा के, जो हमारे आसपास मौजूद होती है लेकिन दिखाई नहीं देती. हिंदू परंपराओं में ऐसी स्थिति से निपटने के कई उपाय बताए गए हैं, जिनमें से एक है – कपूर जलाना. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
कपूर क्या है और इसे क्यों जलाया जाता है?
कपूर एक सफेद रंग का, तेज़ खुशबू वाला पदार्थ होता है, जो पेड़ की छाल से तैयार किया जाता है. इसे जलाने पर यह पूरी तरह वाष्प में बदल जाता है, यानी इसमें कोई राख नहीं बचती. यह गुण इसे खास बनाता है. हिंदू धार्मिक कार्यों में इसे शुद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है. मंदिरों में भगवान की मूर्तियों के सामने कपूर जलाने की परंपरा बहुत पुरानी है.
विज्ञान भी मानता है कपूर की शक्ति
विज्ञान के अनुसार कपूर में मौजूद कुछ तत्व हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं. इसे जलाने से घर में मौजूद बैक्टीरिया, फंगस और वायरस खत्म होते हैं. साथ ही इसकी खुशबू दिमाग को शांत करती है, जिससे तनाव कम होता है और नींद भी बेहतर आती है.
नकारात्मक ऊर्जा को कैसे पहचानें?
अगर आप बार-बार थकान महसूस करते हैं, बिना वजह गुस्सा आता है, घर में लड़ाई-झगड़े बढ़ गए हैं या फिर कोई बीमारियों से घिरा रहता है – तो समझिए कि आपके आसपास नकारात्मक ऊर्जा का असर है. यह ऊर्जा धीरे-धीरे हमारे जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए इसे समय रहते हटाना ज़रूरी है.
कपूर जलाने का सही तरीका
रोज़ शाम या सुबह, एक छोटा-सा दीपक या स्टील की कटोरी लें. उसमें दो-तीन कपूर रखें और उन्हें जलाकर पूरे घर में घुमा लें. इस दौरान आप कोई शांत करने वाला मंत्र या सकारात्मक शब्द भी बोल सकते हैं, जैसे – “शांति”, “साफ हवा”, “अच्छी ऊर्जा” आदि. यह प्रक्रिया घर के हर कोने में करें – खासतौर पर उस जगह पर जहां आप सोते हैं या ज़्यादा वक्त बिताते हैं.
राशिफल 07 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जनजातीय खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच साबित हुआ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स
सुशासन तिहार 2026: अंजनी साहू के लिए बना राहत और खुशी का जरिया
रेलवे–पुलिस–प्रशासन के समन्वय से सुनियोजित भीड़ प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के साथ होगा सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन - डीजीपी मकवाणा
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की गहन समीक्षा की