अब 'अपना Ola'! कंपनी ने दिया ड्राइवरों को पूरा कंट्रोल, नहीं कटेगा एक भी पैसा, Rivals हुए हैरान
OLA 0 Commission Model: ऑनलाइन कैब सर्विस प्रोवाइडर ओला ने मंगलवार 17 जून को कहा कि वह वाहन चालकों से कोई कमीशन नहीं लेगी. ओला ने अपने 0 फीसदी कमीशन मॉडल को देश भर में लागू करने की घोषणा की है, जिससे ड्राइवरों को अपनी किराया आय का 100 फीसदी हिस्सा रखने में मदद मिलेगी. यह पहल सभी कैटेगरी- ऑटो, बाइक और कैब – पर लागू होती है, जिसमें सवारी या इनकम की कोई लिमिट नहीं है.
10 लाख ड्राइवर्स को मिलेगा फायदा
ओला से जुड़े 10 लाख से अधिक ड्राइवर सवारी या आय संबंधी किसी लिमिट के बगैर किराये से हुई पूरी कमाई रख सकेंगे. कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस पहल के तहत कैब ड्राइवर अपना प्लान खुद चुन सकते हैं और बिना किसी कटौती या लिमिट के पूरा किराया भी रख सकते हैं.
पूरे देश में लागू हुआ मॉडल
यह कमीशन मॉडल पूरे देश में लागू हो चुका है. इसके दायरे में ऑटो-रिक्शा, बाइक और कैब सेवाएं आती हैं. ओला कंज्यूमर के प्रवक्ता ने कहा कि पूरे भारत में जीरो फीसदी कमीशन मॉडल की शुरुआत पैसेंजर सर्विस बिजनेस में एक मौलिक बदलाव को दर्शाता है. कमीशन हटाने से साझेदार ड्राइवर को बहुत अधिक स्वामित्व और अवसर मिलता है.
मजबूत नेटवर्क बनाने में मिलेगी मदद
प्रवक्ता ने पार्टनर ड्राइवर को ट्रांसपोर्टेशन परिवेश की रीढ़ बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी कमाई पर पूरा नियंत्रण देने से देश भर में एक अधिक लचीला और टिकाऊ पैसेंजर कारोबार नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी. ओला ने कहा कि नए कमीशन मॉडल को फेज दर फेज लागू किया गया, जिसकी शुरुआत ओला ऑटो से हुई और फिर ओला बाइक्स और ओला कैब्स में यह लागू हुआ.
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करती है कंपनी
इसके साथ ही ओला ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि ड्राइवर के बैकग्राउंड की जांच, वाहन की फिटनेस के मानक और ऐप पर आपातकालीन सुविधाओं सहित अन्य कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है.
राशिफल 07 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जनजातीय खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच साबित हुआ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स
सुशासन तिहार 2026: अंजनी साहू के लिए बना राहत और खुशी का जरिया
रेलवे–पुलिस–प्रशासन के समन्वय से सुनियोजित भीड़ प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के साथ होगा सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन - डीजीपी मकवाणा
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की गहन समीक्षा की