लेजर स्किन ट्रीटमेंट को लेकर फैली गलतफहमी, विशेषज्ञ बोले- सही तरीके से कराया तो नहीं है खतरा
त्वचा की देखभाल के लिए लोग अक्सर कई तरह के प्रोडक्ट्स, ट्रीटमेंट और सर्जरी करवाते हैं। यही कारण है कि कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में आए दिन कोई नई सर्जरी या प्रोडक्ट आते रहते हैं। इन्हीं में से एक लेजर ट्रीटमेंट है। इस ट्रीटमेंट को करवाने से व्यक्ति खुद को त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं से बचा सकता है। मगर कोई भी ट्रीटमेंट बिना मिथकों के बिना थोड़ी न आता है। आपने सुना ही होगा, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। ये कहावत यहां बिल्कुल सटीक बैठती है। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि लेजर ट्रीटमेंट से जुड़ी कौन सी बात है, जिसके बारे में अपने कभी न कभी जरूर सुना होगा। इस आर्टिकल में खास ये है कि आप यहां हम आपको बताएंगे कि आपने जो बात सुनी है, वो असल में सच है भी या नहीं?
क्या लेजर ट्रीटमेंट से कैंसर होता है?
जी हां, कई लोग लेजर ट्रीटमेंट सिर्फ इस कारण नहीं करवाते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि लेजर ट्रीटमेंट के कारण व्यक्ति को कैंसर की समस्या हो सकती है। अब सोचने वाली बात ये है कि क्या इस बात में कोई सच्चाई है? अब हम अपनी तरफ से इसका जवाब आपको बताएंगे, तो आपको लगेगा कि हम मजाक कर रहे हैं या झूठ बोल रहे हैं। फिर कई लोगों के मन में आएगा कि तुम कौन सा डॉक्टर हो, जो हम तुम्हारी बात मानें। अगर आप ये भी सोचते हैं, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। मगर आप हमारी बात इसलिए मानेंगे, क्योंकि यहां हम आपको लेजर ट्रीटमेंट को लेकर डॉक्टर की राय बताने वाले हैं।
इंस्टाग्राम से मिली जानकारी
जी हां, यहां हम लेजर ट्रीटमेंट से कैंसर होता है या नहीं, इस सवाल का जवाब देंगे। दरअसल, इसकी जानकारी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर किरण ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट कर दी है। इस वीडियो में उन्होंने ये भी बताया है कि असल में किस तरह की लेजर हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में आइए इस बारे में डॉक्टर से विस्तार में जान लेते हैं।
डॉक्टर की क्या है राय?
डॉक्टर किरण के मुताबिक, एस्थेटिक लेजर फोकस्ड, गैर-आयोनाइजिंग लाइट की तरह काम करती है। ये आपके डीएनए के लिए सुरक्षित है। साथ ही, त्वचा में मेलेनिन के प्रोडक्शन और पानी को बढ़ाने का काम करती है। अगर लेजर लाइट से होने वाले फायदों को समझने की कोशिश करें, तो इससे कोलेजन को बढ़ावा मिलता है, पिगमेंटेशन में कमी आती है और नए स्किन सेल्स बनने लगते हैं। अगर आसान शब्दों में समझें, तो लेजर ट्रीटमेंट करवाने से कैंसर की समस्या नहीं होती है।
त्वचा संबंधी स्थितियों का उपचार
डॉक्टर किरण बताती है कि लेजर का इस्तेमाल कैंसर के शुरुआती लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है। ये लेजर सूरज के संपर्क में आने से त्वचा को होने वाले नुकसान को कम करने और शरीर में कैंसर को पनपने से रोकने का काम करती है। बता दें कि सूरज की हानिकारक किरणों की वजह से त्वचा के कई क्षेत्रों में कैंसर हो सकता है। मगर लेजर ट्रीटमेंट करवाने के बाद से ये समस्या काफी हद तक कम हो जाती है। ध्यान रखना चाहिए कि इस प्रक्रिया से पूरी तरह से कैंसर ठीक नहीं हो सकता है।
कौन सी लेजर होती है हानिकारक?
डॉक्टर किरण के मुताबिक, लेजर से कैंसर होता है। हालांकि, ये लेजर कॉस्मेटिक नहीं होती है। एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड से निकलने वाली रेज त्वचा को नुक्सान पहुंचाती है। दरअसल, इस तरह की रेज आयोनाइजिंग होती है। अगर आप बार-बार इस तरह की चीजें करवाते हैं, तो कैंसर होने का खतरा आम जनता के मुकाबले कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
डॉक्टर से सलाह है जरूरी
डॉक्टर किरण के मुताबिक, आप बेझिझक होकर लेजर ट्रीटमेंट करवा सकते हैं। हालांकि, आपको ये ट्रीटमेंट बिना किसी प्रोफेशनल सलाह और तरीके के नहीं करना चाहिए। आसान शब्दों में समझें, तो आपको ये ट्रीटमेंट बिना डॉक्टर से पूछे नहीं करवाना चाहिए। वो इस ट्रीटमेंट से पहले ये सुनिश्चित करेंगे कि आप इस ट्रीटमेंट को करवा भी सकते है या नहीं।
राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह