कोटा पुलिस का बड़ा धमाका: 70 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, 'डिजिटल अरेस्ट' और निवेश के नाम पर लूटने वाले 3 गिरफ्तार

कोटा। जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर अपराधियों के एक ऐसे सिंडिकेट को ध्वस्त किया है, जो मासूम लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करोड़ों का काला खेल खेल रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को संरक्षण में लिया है।

कैसे हुआ इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश?

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर के निर्देशन में पिछले 10 दिनों से विशेष अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि सुल्तानपुर के मोरपा निवासी एक व्यक्ति के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर सिम कार्ड निकाले गए और उन्हें साइबर अपराधियों को बेचा गया। जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:

  • करोड़ों का ट्रांजेक्शन: गिरोह से जुड़े एक ही नेटवर्क के खातों से करीब 58 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला।

  • अन्य खातों का जाल: खतौली के एक युवक के खाते से 1.69 करोड़, बूढ़दीत के खाते से 71 लाख और रामगंज मंडी क्षेत्र के एक खाते से लगभग 9.71 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए।


गिरफ्तार आरोपी और ठगी का तरीका

पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर अपराधियों को दबोचा है:

  1. कौशल सेन (निवासी मोरपा)

  2. नवनीत विजयवर्गीय (निवासी महावीर नगर)

  3. सलमान अहमद खिलजी (निवासी तलवंडी)

अपराध का तरीका: ये आरोपी लोगों को शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देते थे या 'ऑनलाइन टास्क' के नाम पर फंसाते थे। हाल के दिनों में चर्चित 'डिजिटल अरेस्ट' (पुलिस या सरकारी एजेंसी बनकर डराना) के जरिए भी इन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया। ठगी की रकम को छिपाने के लिए ये ग्रामीण और भोले-भाले लोगों के बैंक खातों और सिम कार्ड को किराये पर या खरीदकर इस्तेमाल करते थे।


पुलिस की बरामदगी और अगली कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाले तीन एंड्रॉइड स्मार्टफोन और तीन एक्टिवेटेड सिम कार्ड बरामद किए हैं।

एसपी सुजीत शंकर के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई और बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है। पुलिस अब इन बैंक खातों के 'मनी ट्रेल' (पैसों के आने-जाने का रास्ता) की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रकम का मास्टरमाइंड कौन है और पैसा देश के बाहर तो नहीं भेजा जा रहा।