ट्रैक्टर-स्कूटी की टक्कर में चार की जान गई, 8 साल का बच्चा अस्पताल में भर्ती
भिलाई: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार के दिन एक ऐसा हृदयविदारक और भीषण सड़क हादसा घटित हुआ, जिसने समूचे अंचल को गहरे शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है। हाईवे पर अत्यधिक तेज रफ्तार में दौड़ रही एक स्कूटी सड़क किनारे पहले से खड़े एक बड़े ट्रैक्टर से पीछे से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी पर सवार दो सगी बहनों और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह दुर्घटना में एक 8 वर्षीय बालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
मामा के घर खुशियां मनाने जा रहा था परिवार, रास्ते में काल बनकर खड़ा था ट्रैक्टर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिलाई-3 क्षेत्र की रहने वाली अमृत निर्मलकर अपनी सगी छोटी बहन लक्ष्मी निर्मलकर और तीन छोटे बच्चों को साथ लेकर स्कूटी से रायपुर के बसंत विहार स्थित अपने सगे मामा के घर एक पारिवारिक मिलन के लिए जा रही थीं। जैसे ही उनकी स्कूटी राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर कुम्हारी के पास पहुंची, वहां मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से खड़े ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे एक भारी-भरकम ट्रैक्टर के पिछले हिस्से में स्कूटी असंतुलित होकर सीधे जा घुसी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आस-पास के लोग सहम गए। इस हादसे में स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार अमृत निर्मलकर (28 वर्ष), लक्ष्मी निर्मलकर (26 वर्ष), 7 वर्षीय मासूम बच्ची याचना और 4 वर्षीय छोटी बच्ची डाली ने मौके पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया। वहीं 8 वर्षीय बालक भावेश गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया, जिसे राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
नौकरी पर गए पति से फोन पर हुई थी आखिरी बात, कुछ ही पलों में उजड़ गया पूरा संसार
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आखिरी बातचीत: मृतका अमृत निर्मलकर के पति लोकेश निर्मलकर ने सुपेला अस्पताल के मर्चुरी हाउस के बाहर रोते हुए बताया कि वे सोमनी क्षेत्र में एक निजी प्रतिष्ठान में नौकरी करते हैं। हादसे से महज आधा घंटा पहले ही उनकी पत्नी ने उन्हें फोन कर बड़े उत्साह से बताया था कि वह दोनों बहनों और बच्चों के साथ मामा के घर रायपुर जा रही हैं और वहां पहुंचकर दोबारा फोन करेगी।
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अस्पताल में टूटा दुखों का पहाड़: इस बातचीत के कुछ ही देर बाद लोकेश के मोबाइल पर कुम्हारी पुलिस का फोन आया जिसने उनके पैरों तले से जमीन खिसका दी। लोकेश आनन-फानन में काम छोड़कर सुपेला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें अपनी पत्नी और इकलौती बेटी की असमय मौत की आधिकारिक जानकारी मिली।
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एक माह पहले ली थी स्कूटी: उन्होंने बिलखते हुए बताया कि पूरे परिवार ने बड़े चाव से करीब एक महीना पहले ही शोरूम से नई स्कूटी खरीदी थी, जो आज उनकी बर्बादी का कारण बन गई। इस हादसे में जान गंवाने वाली दूसरी महिला लक्ष्मी निर्मलकर लोकेश की सगी साली थीं, जिनके पति बबला भिलाई-3 में एक लॉन्ड्री (कपड़े धोने की दुकान) का संचालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
एक ही स्कूटी पर सवार थे 5 लोग, सुरक्षा नियमों को ताक पर रखने से गई 4 जानें
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ट्रैफिक नियमों की अनदेखी: छावनी क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) ने दुर्घटना स्थल का मुआयना करने के बाद बताया कि प्राथमिक फॉरेंसिक जांच और चश्मदीदों के बयानों से यह साफ हुआ है कि हादसे के वक्त एक ही स्कूटी पर कुल पांच लोग (दो महिलाएं और तीन बच्चे) सवार थे, जो ओवरलोडिंग की श्रेणी में आता है।
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हेलमेट न पहनना पड़ा भारी: सबसे दुखद पहलू यह सामने आया कि दोनों महिलाओं में से किसी ने भी सुरक्षा मानक वाला हेलमेट नहीं पहन रखा था। स्कूटी की रफ्तार बहुत ज्यादा थी और हाईवे पर खड़े ऑक्सीजन सिलेंडर वाले ट्रैक्टर को चालक समय रहते देख नहीं पाई।
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ट्रैक्टर चालक हिरासत में: पुलिस ने दुर्घटना के बाद हाईवे को ब्लॉक करने वाले उस ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और उसके चालक को लापरवाही से वाहन खड़ा करने के आरोप में हिरासत में ले लिया है। सभी चारों मृतकों के शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सुपेला शवगृह (मर्चुरी) भेज दिया गया है, और मर्ग कायम कर विस्तृत वैधानिक जांच की जा रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की आम जनता से कड़क अपील
भिलाई: इस रूह कंपा देने वाले हादसे के बाद दुर्ग जिला पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग ने आम नागरिकों से हाथ जोड़कर सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोपहिया वाहनों पर निर्धारित क्षमता (अधिकतम दो व्यक्ति) से अधिक लोगों को कभी न बैठाएं, विशेषकर बच्चों को आगे खड़ा कर वाहन चलाने से बचें। इसके साथ ही, हाईवे या मुख्य सड़कों पर चलते समय आईएसआई (ISI) मार्क वाला हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें और अपनी गति सीमा पर नियंत्रण रखें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपके पूरे हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ सकती है।
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