बस में चढ़ रही औरत की सोने की चेन झपटी, पुलिस ने की 3 महिलाओं से पूछताछ
चूरू । पोती की तबीयत खराब होने पर डाक्टर को दिखाकर वापस घर लौट रही 40 साल की महिला सुनीता की बस में चढ़ते समय महिला चोरों ने सोने की चेन तोड़ ली। उसी समय सुनीता को चेन तोड़े जाने का पता चल गया और उसने शोर मचा दिया। उसने पास में खड़ी चार पांच संदिग्ध महिलाओं पर चेन तोड़ने का शक जाहिर किया। पुलिस आरोपी 3 महिलाओं से सोने की चेन के बारे में पूछताछ कर रही है। घटना के बाद लाल घंटाघर के पास लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना के एएसआई लक्ष्मण सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित महिला सुनीता से घटना की जानकारी ली। कुल्हड़ियों का बास की रहने वाली 40 साल की सुनीता ने बताया कि उसकी पोती की तबीयत खराब हो रही थी।
उसे डाक्टर को दिखाने के लिए वह चूरू अस्पताल आई थी। पोती को डाक्टर को दिखाकर बस से वापस गांव जा रही थी तभी लाल घंटाघर के पास एक महिला ने उसके गले से सोने की चेन तोड़ ली जिसका तुरंत पता चल गया। सुनीता ने चेन तोड़ने वाली महिला का हाथ पकड़ लिया। मगर चेन तोड़ने वाली महिला की साथी महिलाओं ने इसका विरोध किया। इस तरह वह लाल घंटाघर के पास आ गई। लाल घंटाघर के पास सुनीता ने चेन तोड़ने वाली महिला को उसकी चेन वापिस करने को कहा। मगर चेन स्नेचिंग करने वाली महिला ने चेन तोड़ने की घटना से साफ इंकार कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में एक दुकान के अंदर पीड़ित महिला ने चेन स्नेचिंग करने वाली महिलाओं की तलाशी ली। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली थाने ले गई जहां दोनों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई करते हुए महिलाओं के पास से चेन का डोरा बरामद कर लिया। पुलिस आरोपी 3 महिलाओं से सोने की चेन के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी महिलाओं को राउंडअप कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। अभी पीड़ित महिला सुनीता ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं कराया है।
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?