दुष्कर्म पीड़िता ने बच्चे को दिया जन्म....
अहरौरा (मीरजापुर)। क्षेत्र के एक गांव की दुष्कर्म पीड़िता ने विगत सात मई को बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को मां व बच्चे का डीएनए सैंपल लिया। सीओ आपरेशन मुनींद्र पाल ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में पीड़िता, आरोपित व बच्चे यानी तीनों का डीएनए टेस्ट करवाया जा रहा है।
बीते 12 फरवरी को क्षेत्र के एक गांव की एक महिला ने आरोप लगाया था कि सोनभद्र सुकृत का आरोपित राजेश बिंद उसकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह पांच माह की गर्भवती हो गई।
पीड़िता की शिकायत पर प्रभारी निरीक्षक अजय सेठ ने मुकदमा दर्ज आरोपित राजेश बिंद को 13 फरवरी को जेल भेज दिया। वहीं पीड़िता को बाल संरक्षण गृह राबर्ट्सगंज सोनभद्र भेज दिया गया। सात मई को उसने स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया।
बताया गया कि डिलीवरी के बाद पीड़िता को उसके स्वजन को सौंप दिया गया। वहीं बच्चे के जन्म के बाद उसके डीएनए जांच के लिए पुलिस ने पीड़िता और उसके पुत्र को सीएचसी लाया जहां चिकित्सक ने ब्लड सैंपल निकालकर पुलिस को दिया।
इसे पुलिस ने फॉरेंसिंक लैब फाफामऊ प्रयागराज पहुंचा दिया। वहीं आरोपित का ब्लड सैंपल जेल से ही लैब भेज दिया गया।
"आरोपित राजेश बिंद के विरुद्ध दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट सहित अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज करके उसे पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। वर्तमान में आरोपित मीरजापुर जेल में ही है।" - अजय कुमार सेठ, प्रभारी निरीक्षक, अहरौरा।
"दुष्कर्म पीड़िता के मुकदमे के जांच के क्रम में तीनों का डीएनए टेस्ट जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपित से बच्चे का डीएनए मिला तो यह बच्चा उसी का माना जाएगा।" - मुनींद्र पाल, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन।
राशिफल 07 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जनजातीय खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच साबित हुआ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स
सुशासन तिहार 2026: अंजनी साहू के लिए बना राहत और खुशी का जरिया
रेलवे–पुलिस–प्रशासन के समन्वय से सुनियोजित भीड़ प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के साथ होगा सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन - डीजीपी मकवाणा
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की गहन समीक्षा की