रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध मौत का मामला: अंतिम संस्कार रुकवाकर पुलिस ने कब्जे में लिया शव, पत्नी हिरासत में

कोटा। आवली क्षेत्र में रहने वाले पूर्व सैनिक मनोज शर्मा की मौत का मामला अब हत्या की जांच के दायरे में आ गया है। शुरुआत में इस मौत को सामान्य माना जा रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर मिली सूचना ने पुलिस को सक्रिय कर दिया।

पिता के शक ने पलटा मामला

मृतक मनोज के पिता बृजमोहन को अपने बेटे की अचानक हुई मौत और घर के हालातों पर गहरा संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत आरके पुरम थाना पुलिस से संपर्क किया। सूचना मिलते ही प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम श्मशान घाट पहुंची और अंतिम संस्कार की तैयारियों को रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया।

जांच में मिले हत्या के संकेत

पुलिस की शुरुआती जांच और फॉरेंसिक (FSL) टीम के निरीक्षण में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  • गले पर निशान: मृतक के गले पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे प्राथमिक तौर पर गला दबाकर हत्या (Strangulation) की आशंका जताई जा रही है।

  • साक्ष्यों का संकलन: एमओबी (MOB) टीम ने घटना स्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

  • जल्दबाजी पर सवाल: परिजनों का आरोप है कि मनोज की पत्नी दीपिका ने ससुराल पक्ष को समय पर जानकारी नहीं दी और बहुत जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने की कोशिश की।


पत्नी हिरासत में, दो संदिग्धों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी दीपिका को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में कुछ और अहम बातें भी सामने आई हैं:

  1. घरेलू विवाद: बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे।

  2. बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी: पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना के समय दीपिका के दो परिचित घर पर ही मौजूद थे। ये दोनों युवक कौन हैं और उस वक्त वहां क्या कर रहे थे, इसकी जांच की जा रही है।

  3. फरार आरोपियों की तलाश: पुलिस की टीमें फरार चल रहे दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस का बयान

प्रशिक्षु आईपीएस सिद्धार्थ श्रीवास्तव के अनुसार, "शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का आधिकारिक खुलासा होगा। फिलहाल पत्नी से पूछताछ जारी है और जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।"